गुना: नरवाई जलाने पर किसान पर ढाई हजार का जुर्माना
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: नरवाई जलाने पर लगा जुर्माना
गुना: जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और खेतों की उर्वरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बीच, राघौगढ़ तहसील में नरवाई जलाने का एक मामला सामने आया है। कलेक्टर किशोर कन्याल के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी ने प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वाले एक किसान पर ₹2,500 का अर्थदंड अधिरोपित किया है। इस मामले में तहसीलदार राघौगढ़ को त्वरित गति से जुर्माने की राशि वसूलने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
खसरा नंबर और जांच रिपोर्ट का खुलासा
आर के शर्मा की खोजी टीम के अनुसार, विकासखंड राघौगढ़ के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ग्राम अहीरखेड़ी निवासी कृषक श्री पर्वत सिंह उर्फ प्रकाश द्वारा अपने खेत में फसल अवशेष यानी नरवाई जलाई जा रही थी। प्रशासन ने खसरा नंबर 2/1/2 और रकबे 0.262 हेक्टेयर की भूमि पर हुई इस गतिविधि को पर्यावरण कानूनों का गंभीर उल्लंघन माना और तत्काल प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई।
मिट्टी की सेहत और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा
कृषि विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों का मानना है कि नरवाई जलाने से न केवल वायु प्रदूषण विकराल रूप धारण करता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाने वाले सूक्ष्म जीव भी नष्ट हो जाते हैं। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के तमाम किसानों से पुरजोर अपील की है कि वे फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और किसी भी स्थिति में खेतों में आग न लगाएं। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना पाई गई, तो औरंगजेबी नहीं बल्कि बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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