चांचौड़ा में सिविल अस्पताल के स्थानांतरण पर बढ़ा आक्रोश, बीनागंज में ही निर...
चांचौड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर राजनीति तेज, अस्पताल दूर ले जाने का विरोध
गुना: जिले के चांचौड़ा ब्लॉक के लिए स्वीकृत बहुप्रतीक्षित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को मुख्य नगर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किए जाने की सुगबुगाहट के बाद क्षेत्र में भारी जनरोष उबल पड़ा है। स्थानीय नागरिकों, किसानों और व्यापारी वर्ग ने इस कदम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि अस्पताल का निर्माण हर हाल में बीनागंज नगर के भीतर ही होना चाहिए। जनता का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा को शहर से दूर ले जाना आम जनता के साथ सीधा खिलवाड़ है।
बिजनीपुरा पठार की 36 बीघा शासकीय भूमि पर अस्पताल बनाने की उठी मांग
विवाद के केंद्र में अस्पताल के लिए तय होने वाली जमीन का मामला है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि बीनागंज स्थित बिजनीपुरा पठार 'बड़ली' की करीब 36 बीघा शासकीय भूमि पर ही इस आधुनिक 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का निर्माण कराया जाए। स्थानीय जानकारों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि यह स्थल भौगोलिक दृष्टि से सभी के लिए सुगम है और यहां पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध होने के कारण किसी प्रकार का कानूनी या प्रशासनिक अड़ंगा भी नहीं आएगा।
106 ग्राम पंचायतों के मरीजों की बढ़ेगी मुश्किलें
खोजी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यदि अस्पताल को नगर से दूर किसी सुनसान इलाके में बनाया जाता है, तो चांचौड़ा-बीनागंज समेत आसपास की करीब 106 ग्राम पंचायतों की जनता पर इसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। खासकर रात के समय गर्भवती महिलाओं, वृद्धों और सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर पीड़ितों को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने के लिए भारी कठिनाइयों और अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा। ट्रेंड्स न्यूज जर्नलिस्ट की टीम इस पूरे प्रशासनिक घटनाक्रम और भूमि आवंटन की फाइलों पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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