मवाना में पूर्व मंत्री और शिक्षक नेता को पुलिस ने दिल्ली रैली जाने से रोका
दिल्ली जा रहे दिग्गजों को पुलिस ने रोका
उत्तर प्रदेश के मवाना क्षेत्र में उस वक्त राजनीतिक पारा चढ़ गया, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर रामलीला मैदान दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे पूर्व राज्य मंत्री प्रभु दयाल बाल्मीकि और प्रमुख शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह को स्थानीय पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक लिया। भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसआई पवन कुमार और सीओ पंकज लवानिया ने समर्थकों के साथ बाहर निकल रहे नेताओं का रास्ता रोक दिया, जिससे मौके पर भारी गहमागहमी का माहौल बन गया।
प्रशासनिक सख्ती के खिलाफ फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
दिल्ली जाने से रोके जाने के बाद आक्रोशित सपाइयों और समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में एक जोरदार सभा का आयोजन किया। इस विरोध सभा की अध्यक्षता बनारसी दास कश्यप द्वारा की गई, जबकि इसका कुशल संचालन शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने संभाला। सभा के दौरान मंच से वक्ताओं ने केंद्र व प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक तंत्र पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'चंदा चोरों, वोट चोरों गद्दी छोड़ो' के गूंजे नारे
विरोध प्रदर्शन के दौरान सभा स्थल पर मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारों के साथ माहौल को गर्मा दिया। प्रदर्शनकारियों ने 'चंदा चोरों, वोट चोरों गद्दी छोड़ो' के जोरदार नारे लगाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। वक्ताओं ने कहा कि जनता अब सरकार के दमनकारी चक्र से डरने वाली नहीं है और आगामी चुनावों में इसका माकूल जवाब देगी। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बीच यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
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