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मवाना कॉलेज विवाद: शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने लगवाया शिलापट

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मवाना कॉलेज विवाद: शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने लगवाया शिलापट

कृषक इंटर कॉलेज में शिलापट को लेकर गरमाया मामला

मवाना: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना स्थित कृषक इंटर कॉलेज में शिलापट हटाए जाने और दोबारा लगाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कॉलेज के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार द्वारा पूर्व विधायक ओम प्रकाश शर्मा और तत्कालीन प्रधानाचार्य रामपाल तोमर के नाम वाले शिलापट को आखिरकार भारी विरोध और प्रशासनिक दबाव के बाद दोबारा लगवा दिया गया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कॉलेज प्रबंधन पर मनमानी और ऐतिहासिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे थे।

शिकायतकर्ताओं की मांग और प्रशासनिक जांच

विवाद के तूल पकड़ने पर पूर्व प्रधानाचार्य रामपाल सिंह तोमर, पूर्व प्रवक्ता चौधरी नरेश पाल सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष विमल कुमार, पूर्व अध्यक्ष उत्तम कुमार, पूर्व प्रवक्ता बृजपाल सिंह और दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल, शिक्षा अधिकारियों तथा जिलाधिकारी मेरठ के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मेरठ ने डीएम के निर्देश पर एक जांच समिति गठित की थी। इस समिति में जीजीआईसी हस्तिनापुर की प्रधानाचार्य नीतू सिंह और राठौरा के प्रधानाचार्य मुनेशपाल को शामिल किया गया था, हालांकि उनकी जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।

संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिले शिकायतकर्ता

जांच में हो रही कथित देरी से नाराज शिकायतकर्ताओं ने हाल ही में मेरठ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक संजय उपाध्याय से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की पुरजोर मांग की। शिकायतकर्ताओं ने यह भी मांग उठाई है कि तत्कालीन सांसद अवतार सिंह भड़ाना, तत्कालीन विधायक प्रभु दयाल बाल्मीकि और अतुल खटीक समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम वाले सभी शिलापटों को भी यथार्थ स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए तथा कॉलेज परिसर से कथित फर्जी पत्थरों को तुरंत हटाया जाए।

थाना मवाना में भी दर्ज कराई गई शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ताओं ने थाना मवाना में भी एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें शिलापट तोड़े जाने और इतिहास से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस इस मामले में अपनी समानांतर जांच कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों और स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि यदि इस मामले में जल्द ही सख्त प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए, तो यह विवाद और अधिक गहरा सकता है। TrendsNews.iN इस पूरे प्रकरण पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।

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