गुना में रबी सीजन और उद्यानिकी कार्यों की समीक्षा, दिए निर्देश
रबी सीजन 2026-27 और उर्वरक उपलब्धता पर उच्च स्तरीय समीक्षा
गुना: कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने हाल ही में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान रबी सीजन 2026-27 की तैयारियों, उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता तथा विभिन्न कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन का बारीकी से जायजा लिया गया। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा जल संसाधनों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों पर जोर
बैठक के दौरान कम वर्षा की संभावना और जल संकट से निपटने के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। किसानों को खेतों में नमी संरक्षण की तकनीकों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए ताकि सीमित जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके कृषि उपज को सुरक्षित रखा जा सके। इसके साथ ही, रबी सीजन के लिए डीएपी, यूरिया और एनपीके जैसे उर्वरकों की मांग और वितरण व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की गई।
उर्वरक कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसानों को समय पर और उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक मिल सकें। निजी विक्रेताओं और सहकारी संस्थाओं के स्टॉक का नियमित रूप से भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। पीओएस मशीनों में दर्ज आंकड़ों का भौतिक स्टॉक से मिलान अनिवार्य किया गया है। साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
गुना जिले में उद्यानिकी और गुलाब की खेती की सराहना
समीक्षा बैठक के दौरान गुना जिले में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के नेतृत्व में चल रहे कृषि नवाचारों पर विशेष चर्चा हुई। जिले में गुलाब की खेती और उद्यानिकी क्षेत्र के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को बेहद संतोषजनक पाया गया। कलेक्टर श्री कन्याल के मार्गदर्शन में जिले के किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर अधिक मुनाफा देने वाली उद्यानिकी फसलों की ओर मोड़ने के प्रयासों की सराहना की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक दुबे और कृषि उप संचालक संजीव शर्मा सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
पशुपालन, डेयरी और ई-मंडी व्यवस्था को मजबूती
कृषि के अलावा किसानों की आय में वृद्धि के लिए पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन जैसी सह-गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने और दुग्ध संग्रहण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कृषि उपज के व्यापार में पारदर्शिता लाने और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए ई-मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
TrendsNews.iN निष्पक्ष, तथ्यपरक और स्वतंत्र पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। हमारी टीम खबरों की सत्यता की पुष्टि के बाद ही प्रकाशन करती है। प्रकाशित समाचार की सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बंधित पत्रकार की होगी, पोर्टल जिम्मेदार नही होगा।