मेरठ के मवाना में मृत वानर का सनातन रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
मवाना में दिखा अनोखा नजारा: मृत वानर का हुआ हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र में सोमवार, 5 अक्टूबर को इंसानियत और सनातन संस्कृति की एक अनूठी बानगी देखने को मिली। जब एक बेजुबान वानर की मौत की सूचना हिंदू संगठनों को मिली, तो उन्होंने बिना किसी देरी के आगे आकर पूरी विधि-विधान और सनातन रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस मानवीय पहल ने स्थानीय स्तर पर लोगों का दिल जीत लिया है और इसकी चर्चा चहुंओर हो रही है।
क्या थी पूरी घटना?
खोजी पड़ताल के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब मवाना की रामबाग कॉलोनी निवासी अर्पित शर्मा की नजर एक मृत वानर पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अर्पित शर्मा ने तुरंत राष्ट्रीय हिंदू संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष अंकुर सैनी (जिन्हें राजा भैया के नाम से भी जाना जाता है) को इस दुखद घटना से अवगत कराया। सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी तुरंत हरकत में आ गए।
पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली कमान
सूचना पाकर सुभाष गाबा और अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद बजरंग दल के विभाग मंत्री अंकुर सैनी तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ युवा सहयोगी शिवांश रस्तोगी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पूरी संवेदनशीलता के साथ मृत वानर के पार्थिव शरीर को उठाया और सम्मानजनक तरीके से उसे मवाना की पिंजरापोल गौशाला पहुंचाया। गौशाला परिसर में सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए वानर देव की अंतिम क्रिया को पूरी पवित्रता के साथ संपन्न किया गया।
'बगड़वात' की विशेष टिप्पणी
यह घटना भले ही एक बेजुबान पशु की मौत से जुड़ी हो, लेकिन जिस प्रकार से हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं, वह समाज में जीव-दया और संस्कृति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को उजागर करता है। 'बगड़वात' डिजिटल मीडिया इस प्रकार की मानवीय और सकारात्मक पहलों की सराहना करता है जो समाज को जोड़ने का काम करती हैं।
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