पार्वती नदी का जर्जर रपटा: दशकों से बदहाल मार्ग, किसानों की राह मुश्किल
विकास के दावों के बीच वर्षों से उपेक्षित है पार्वती नदी का रपटा
गुना: क्षेत्र में विकास के ऊंचे-ऊंचे दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों की पोल खोलती एक तस्वीर मध्य प्रदेश के गुना जिले से सामने आ रही है। जामनेर को बीनागंज से जोड़ने वाले रामपुरा और ताजपुरा गांवों के बीच पार्वती नदी पर बना आवागमन का रपटा बदहाल स्थिति में है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से लेकर आज तक इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुध नहीं ली गई है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को काटने पड़ रहे हैं मीलों चक्कर
इस जर्जर रपटे के कारण जामनेर क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रास्तों की बदहाली के चलते किसानों को मजबूरन कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर जंजाली के रास्ते बीनागंज कृषि उपज मंडी पहुंचना पड़ता है। किसानों का यह दर्द बयां करता है कि किस तरह प्रशासनिक उदासीनता उनकी आजीविका पर भारी पड़ रही है।
बदलते रहे विधायक, पर जस की तस रही बदहाली
चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो यहां कई दिग्गज नेता विधायक रह चुके हैं। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वालों में ममता मीना (भाजपा) और लक्ष्मण सिंह (कांग्रेस) जैसे नाम शामिल हैं, जो आज भी क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। इन तमाम जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी इस अति-आवश्यक रपटे के पुनर्निर्माण की हिम्मत नहीं दिखाई।
वर्तमान विधायक से लगाई गई है गुहार
क्षेत्र की जनता और परेशान किसानों ने अब वर्तमान भाजपा विधायक प्रियंका पेंची से इस जर्जर रपटे के निर्माण की गुहार लगाई है। देखना यह होगा कि क्या मौजूदा नेतृत्व इस पुरानी समस्या का समाधान कर पाता है या फिर ग्रामीण इसी तरह उपेक्षा का शिकार बनते रहेंगे। आर के शर्मा की खोजी पत्रकारिता के तहत 'अरविंद धुरन्धर' इस मुद्दे पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।
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