गुना में अतिक्रमण पर बड़ा प्रहार, अदालत के आदेश की अवहेलना पर 15 दिन की जेल
अतिक्रमणकारियों पर राघौगढ़ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में राजस्व कानूनों और न्यायालयीन आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक कड़ा संदेश देते हुए राघौगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री अमित सोनी ने अवैध कब्जे के एक मामले में 15 दिन के कारावास का दंडात्मक आदेश पारित किया है। इस सख्त प्रशासनिक कदम से स्थानीय स्तर पर अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
खोजी पड़ताल और आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, तहसीलदार मकसूदनगढ़ ने एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें खुलासा हुआ कि ग्राम बरोद स्थित भूमि (सर्वे क्रमांक 0175/1/5/1 एवं 172/2, कुल रकबा 1.349 हेक्टेयर) पर प्रार्थी गेंदालाल पुत्र बट्टूलाल कुशवाहा की भूमि पर अनावेदक बालमुकुंद, विनोद और देवेंद्र (सभी पुत्र रामनारायण कुशवाहा) द्वारा अवैध रूप से कब्जा जमाया गया था। इस मामले में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 250 के तहत पूर्व में आदेश पारित किए गए थे, लेकिन अनावेदकों ने लगातार नियमों की अवहेलना की।
कानून की अवमानना पर धारा 250(8) के तहत एक्शन
प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले इन आरोपियों के खिलाफ एमपी भू-राजस्व संहिता की धारा 250(8) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया गया। एसडीएम राघौगढ़ ने न्यायिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत या राजस्व न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अनावेदक को 15 दिवस के लिए सिविल जेल भेजने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया गया है।
प्रशासन की दो टूक: नहीं बख्शे जाएंगे कब्ज़ाधारी
बगड़ावत की खोजी टीम को मिले संकेतों के अनुसार, जिला प्रशासन अब केवल खानापूर्ति की कार्रवाई से आगे बढ़कर सीधे जेल की सलाखों तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शासकीय या निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहेगा। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे से दूर रहें और इसकी तुरंत सूचना राजस्व विभाग को दें ताकि समय पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
TrendsNews.iN निष्पक्ष, तथ्यपरक और स्वतंत्र पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। हमारी टीम खबरों की सत्यता की पुष्टि के बाद ही प्रकाशन करती है। प्रकाशित समाचार की सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बंधित पत्रकार की होगी, पोर्टल जिम्मेदार नही होगा।