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पाली: मंदिर के सामने गंदा नाला खोदने पर आक्रोश

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पाली: मंदिर के सामने गंदा नाला खोदने पर आक्रोश

मवाना के पाली गांव में गरमाया नाला निर्माण का मामला

मवाना: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना तहसील अंतर्गत ग्राम पाली में स्थित ऐतिहासिक बाबा मोहन राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने गंदे पानी का नाला निकाले जाने को लेकर श्रद्धालुओं और सेवादारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ मंदिर से जुड़े लोगों ने तीखा विरोध प्रदर्शन करते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है। खोजी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस नाले के निर्माण के पीछे धार्मिक भावनाओं को आहत करने और व्यक्तिगत रंजिश साधने की एक गहरी साजिश रची जा रही है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

पवित्रता खंडित करने की सुनियोजित साजिश

मंदिर के मुख्य सेवादारों और स्थानीय ग्रामीणों—कालूराम, श्याम सुंदर दास और सूरत सिंह समेत दर्जनों भक्तों ने एसडीएम संतोष कुमार सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में स्पष्ट किया है कि मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे नाले का निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का तर्क है कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गेट के सामने से गंदा नाला गुजरने से पूरे क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैलेगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पवित्रता सीधे तौर पर खंडित होगी।

पूर्व प्रधानों पर आपसी रंजिश के गंभीर आरोप

'बगड़ावत' की खोजी टीम को ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे प्रकरण के पीछे गांव के ही पूर्व प्रधान जसवीर और करतार सिंह का हाथ है। आरोप है कि ये दोनों व्यक्ति मंदिर के सेवादारों से पुरानी आपसी रंजिश रखते हैं और अपनी खुन्नस निकालने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं। बिना किसी जनहित या तकनीकी आवश्यकता के, केवल दुर्भावना के चलते मंदिर के ठीक सामने जबरन नाला खुदवाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, ताकि मंदिर समिति और भक्तों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा सके।

प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह ने विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और सेवादारों को शांत कराया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और मौके का मुआयना करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि जांच में पूर्व प्रधानों की संलिप्तता और दुर्भावनापूर्ण कृत्य साबित होता है, तो प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 'बगड़ावत' इस संवेदनशील मामले पर पैनी नजर बनाए रखेगा और हर अपडेट अपने पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।

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